परमेश्वर का दिया हुआ सब कुछ है। 🚿
🧼🪣
तौलिया है, साबुन है, बाल्टी है, डब्बा है, पानी है पर...नहाने की हिम्मत नहीं है।
वैसे नहाने से कुछ नहीं होता, आदमी दिल का साफ़ होना चाहिये।
इतनी सर्दी में नहाना अपनी समझ से तो बाहर है।
जिस शब्द में ही आगे 'न' है और पीछे 'ना' है तो बीच में ये दुनिया 'हाँ' क